भगवान शिव ने नहीं किया कभी भांग का नशा – डॉ. सर्वेश्वर
शिव कथा में शिव-पार्वती विवाहोत्सव की रही धूम
पूर्ण सद्गुरु ही करवा सकते हैं आत्मा का परमात्मा से मिलन – डॉ. सर्वेश्वर
हल्द्वानी।दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा एम.बी.इंटर कॉलेज ग्राउंड कैनाल रोड में 29 जनवरी से 4 फरवरी 2026 तक आयोजित की जा रही भगवान शिव कथा के पंचम दिवस मंगलवार को कथाव्यास डॉ. सर्वेश्वर जी ने महापार्थिवेश्वर हिमालयराज की शक्तिस्वरूपा पुत्री पार्वती जी का भगवान शिव के संग विवाह प्रसंग प्रस्तुत किया, जो कि गूढ़ अध्यात्मिक संदेश समेटे हुए है।माता पार्वती जीवात्मा का प्रतीक हैं और भगवान शिव साक्षात् परब्रह्म परमेश्वर के।हम समस्त जीवों का उस परमात्मा के साथ मिलन किस प्रकार संभव है? जैसे नारद जी माँ पार्वती के गुरु बन कर आए।ठीक ऐसे ही, हमें भी अपने जीवन में नारद जी जैसे एक ब्रह्मनिष्ठ तत्त्ववेत्ता सद्गुरु का सान्निध्य चाहिए जिनके कृपाहस्त तले हम उस ईश्वर अर्थात् शिव का साक्षात्कार कर पाएंगे।इसी के साथ कथाव्यास जी ने समाज में प्रचलित एक धारणा का भी खंडन करते हुए कहा कि लोग अक्सर सोचते हैं कि भगवान शिव के विवाह में नंदी-भृंगी इत्यादि समस्त शिवगण अत्यंत प्रसन्न होकर भांग की मस्ती में झूम उठे थे और उसी का अनुसरण करते हुए आज लोग भी महाशिवरात्रि पे नशों का सेवन करते हैं।यह हमारे समाज की विडंबना है कि भगवान शिव के नाम पर हम ईश्वर के उस अमृत रस को छोड़कर सांसारिक नशों का पान करते हैं।हमारे शास्त्र ग्रंथ कहते हैं कि जिसमें क्षण मात्र की भी शांति नहीं है, वह नशा है।यहीं तो कारण है आज इन नशों ने लोगों की शांतपूर्ण गृहस्थी को भी अशांत कर दिया है।कहीं प्रपंच फूट रहें हैं और कहीं रिश्ते टूट रहे हैं।नशों के कारण हँसते-खेलते परिवार तलाक की वेदी पर बलि चढ़ रहे हैं।आज भारतीय समाज का सारा ताना-बाना ही तहस-नहस होने के कगार पर आ खड़ा हुआ है।ऐसे में ये अत्यंत आवश्यक है कि हम अज्ञानता की गूढ़ नींद से जागें।अगर नशा करना ही है तो वो नशा करें जो भारत की धरती के सच्चे भक्तों ने किया;ब्रह्मज्ञान का नशा,भोलेनाथ की भक्ति का नशा।जब गुरु-कृपा से ब्रह्मज्ञान द्वारा हम अपने घट में भोलेनाथ का दर्शन प्राप्त करेंगे तो मन स्वत: ही प्रभु नाम की मस्ती में झूम उठेगा।तब ये सांसारिक नशे हमें लुभाएँगे नहीं और हमारा मन उत्तम आदर्श व संयम के पंख लगाकर अध्यात्म के आकाश में उन्मुक्त उड़ान भरेगा।और फिर हमारी गृहस्थी भी शिव-परिवार की तरह शांति, सामंजस्य व सौहार्द्र की अनुपम झाँकी बन जाएगी।राजेश अग्रवाल,संगीता अग्रवाल,संजीव अग्रवाल,संगीता अग्रवाल,सज्जन लाल वर्मा,उषा वर्मा,डॉ जे आर धपोला,निर्मला धपोला,अंकित शर्मा,गीता बलुटिया,बंशीधर भगत विधायक(कालाढूंगी),दीप्ति चौपाल,हेमंत,प्रीति आर्य,प्रमोद पंत,मनोज अग्रवाल आदि मौजूद रहे।






































