पांच दिवसीय श्रीराम कथा का दूसरा दिन: प्रभु श्रीराम जन्म प्रसंग को बहुत ही रोचक व अध्यात्मिक तथ्यों सहित प्रस्तुत
बिलासपुर।दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से पांच दिवसीय श्रीराम कथा के दूसरे दिन शनिवार को आशुतोष महाराज की शिष्या साध्वी जयंती भारती ने प्रभु श्रीराम जन्म प्रसंग को बहुत ही रोचक व अध्यात्मिक तथ्यों सहित प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि प्रभु का जन्म व कर्म दिव्य होता है। जिसे हम साधारण बुद्धि के द्वारा नहीं समझ सकते। प्रभु की प्रत्येक लीला के पीछे आध्यात्मिक रहस्य होते हैं। जिन्हें हम ब्रहमज्ञान के द्वारा ही समझ सकते है। इसके अतिरिक्त साध्वी ने बताया कि श्रीराम का जीवन चरित्र मानव के उत्थान का मार्ग प्रशस्त करता है। हमारे समाज को उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। किन्तु आज हमारा समाज ऐसे उत्तम चरित्र को भूलकर निकृष्टता का अनुसरण कर रहा है। जिसका परिणाम आप टूटते बिखरते परिवारों के रूप में दिशाहीन युवाओं के रूप में व दम तोड़ती मानवता के रूप में स्पष्ट देख सकते हैं। इसलिए अगर हम एक सुंदर सभ्य व श्रेष्ठ समाज की परिकल्पना को साकार करना चाहते है। तो हमें श्रीराम जी के चरित्र को अपने जीवन में उतरना होगा और ऐसा अध्यात्म ज्ञान की दीक्षा को प्राप्त करके ही संभव हो सकता है। जब एक पूर्ण गुरु का आगमन हमारे जीवन में होता है तो वह हमें ब्रह्मज्ञान की दीक्षा देते है। यही अध्यात्म हमारी भारतीय संस्कृति का भी आधार रहा है। जहां अन्य देशों की संस्कृतियां भोग पर आधारित है। वहीं हमारी भारतीय संस्कृति योग और अध्यात्म से संपन्न है। इसलिए अगर हम जीवन में उत्कर्ष प्राप्त करना चाहते है तो पुनः हमें अपनी संस्कृति के साथ जुड़ना होगा। इसके अतिरिक्त कथा में सुमधुर भजनों का गायन भी किया गया कथा का समापन प्रभु की पावन मंगल आरती के साथ किया गया। इस मौके पर निवेदिता मित्तल, स्नेहा मदान, साक्षी, अनु, मनीषा, सीमा, अल्पना, दीपक, रामफल, राजेश राजपूत, अरविंद गुप्ता आदि मौजूद रहे।

