मुठभेड़ के बाद तीन शातिर गौकश गिरफ्तार, दो के पैर में लगी गोली
स्कॉर्पियो, तमंचे, कटान के औजार और एक जीवित बछड़ा बरामद; चार आरोपी अब भी फरार
सैफनी। क्षेत्र के बिजपुरी गांव में गौवंशीय पशुओं के वध और अवशेष खेतों में दबाने के चर्चित मामले में सैफनी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना प्रभारी पंकज पंत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात मुठभेड़ के दौरान तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी कार्रवाई में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ गौकश स्कॉर्पियो गाड़ी से खरसौल-नौसना मार्ग पर गौवध के लिए जा रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी में लगी। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने मौके से नाजिम कुरैशी (निवासी फतेहपुर खास, मुरादाबाद), जावेद (निवासी सागरपुर, सैफनी) और मोहम्मद सुहेल (निवासी नीलीखेड़ी, अमरोहा) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से एक सफेद स्कॉर्पियो, जिसमें रस्सी से बंधा एक जीवित बछड़ा मौजूद था, तीन अवैध तमंचे, कारतूस, छुरियां, कुल्हाड़ी, लकड़ी का गुटका व अन्य औजार बरामद हुए हैं। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों कासिम, सलीम, शब्बू और गजराम उर्फ टीटू के साथ मिलकर 30 जून को बड़ागांव में तथा 13, 15 और 18 जुलाई को ग्राम बिचपुरी में गौकशी की घटनाओं को अंजाम दिया था। वे मांस बेचकर अवशेषों को खेतों में गड्ढा खोदकर दबा देते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष पंकज पंत ने सख्त लहजे में कहा कि क्षेत्र में अपराध करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल फरार अन्य चार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

