‘समर्पण’ की ठंडी पहल, तपती दोपहरी में राहगीरों को मिली राहत की घूंट
बिलासपुर। सूरज आग उगल रहा हो, सड़कें तवे की तरह तप रही हों और गला सूख रहा हो ऐसे में अगर कोई मुस्कुराकर ठंडे शरबत का गिलास थमा दे तो? बस यही पुण्य का काम किया ‘संस्था समर्पण एक प्रयास’ ने।
संस्था ने बिलासपुर में मुख्य मार्ग पर छबील लगाकर सैकड़ों राहगीरों को ठंडा-मीठा शरबत पिलाया। तपती धूप में पैदल चलने वाले, रिक्शा-ठेले वाले, बाइक सवार जो भी आया, एक घूंट शरबत पीकर चेहरे पर सुकून लेकर गया।
संस्था के अध्यक्ष सुमित अग्रवाल ने बताया कि इस भीषण गर्मी में जब बाहर निकलना मुश्किल है, हमने सोचा कि राहगीरों के लिए कुछ किया जाए। एक गिलास ठंडा शरबत किसी की जान बचा सकता है। हमारी छोटी सी कोशिश से सैकड़ों लोगों की प्यास बुझी, इससे बड़ी खुशी क्या होगी।
शरबत पीने के बाद लोगों के चेहरे खिल उठे। एक बुजुर्ग बोले, “बेटा तुम्हारी उम्र लंबी हो। इस गर्मी में तो भगवान का रूप बनकर आए हो। वहीं एक मजदूर ने कहा कि पैसे होते तो कोल्ड ड्रिंक पी लेते, पर आप लोगों ने बिना पैसे के ही गला तर कर दिया।
‘समर्पण एक प्रयास’ की यह पहल बताती है कि सेवा के लिए बड़े संसाधन नहीं, बड़ा दिल चाहिए। संस्था ने न सिर्फ शरबत पिलाया, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं।
गर्मी भले ही रिकॉर्ड तोड़ रही हो, पर बिलासपुर में ‘समर्पण’ की इस पहल ने इंसानियत का पारा सबसे ऊपर पहुंचा दिया।

