अंतर्राष्ट्रीय दिवस व पोस्को एक्ट के तहत आशा एवं आगनबाड़ी कार्यकत्रियों का कार्यशाला का आयोजन
नैनीताल।उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के दिशा निर्देशानुसार एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण,नैनीताल/जिला न्यायाधीश प्रशांत जोशी के निर्देशन में सिविल जज (सी०डि०)/सचिव,जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल पारुल थपलियाल के द्वारा महिला जननांग विकृति के प्रति शून्य सहिष्णुता का अंतर्राष्ट्रीय दिवस व पोस्को एक्ट के उपलक्ष्य पर आशा कार्यकर्ता अवम् आगनबाड़ी कार्यकर्ता का कार्यशाला का आयोजन किया | जिसमे सचिव द्वारा बताया गया की इस दिन का उद्देश्य: महिला जननांग विकृति के हानिकारक अभ्यास को समाप्त करने के लिए वैश्विक जागरूकता बढ़ाना और कार्रवाई को बढ़ावा देना।महिला जननांग विकृति -चिकित्सीय कारणों से महिलाओं के बाहरी जननांगों को आंशिक या पूर्ण रूप से हटाना या चोट पहुँचाना शामिल है।इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं और लड़कियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन माना जाता है,जो शारीरिक और मनोवैज्ञानिक नुकसान पहुँचाता है व बताया की पॉक्सो ( एक्ट 2012 (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम)एक विशेष कानून है,जो 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों (लड़के और लड़कियां दोनों) को यौन उत्पीड़न,शोषण और पोर्नोग्राफी से बचाने के लिए 14 नवंबर 2012 को लागू किया गया था।यह कानून लिंग-तटस्थ है और इसमें गंभीर मामलों में मृत्युदंड सहित कठोर सजा का प्रावधान है,जिसके तहत विशेष अदालतों में त्वरित सुनवाई होती है।साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के क्रियाकलाप के बारे मे भी जानकारी दी गई।






































