हरें पेड़ों पर जमकर चल रही तस्करों की आरिया, विभाग बना मूकदर्शक
किसान नेता ने विभागीय अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग
बिलासपुर।आरक्षित डंडिया वन क्षेत्र में बेशकीमती लकड़ी का अवैध कटान लगातार जारी है,जिससे सरकार को लाखों रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है।इस मामले में किसान नेता ने वन विभाग पर लकड़ी तस्करों से सांठगांठ और लापरवाही का आरोप लगाया है,और आंदोलन की चेतावनी दी है।तहसील के क्षेत्र के आरक्षित डंडिया वन क्षेत्र में पौधारोपण अभियानों के बावजूद जंगल तेजी से ठूंठ में बदल रहा है।वन विभाग की कथित उदासीनता और लापरवाही के कारण पर्यावरण को भारी क्षति पहुंच रही है।जंगल से आए दिन खैर और सागौन जैसे हरे पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है।पेड़ों की कटाई दिन में होती है,जबकि रात और सुबह तड़के साइकिल, ई-रिक्शा,या मोटरसाइकिल पर लकड़ी की ढुलाई शुरू हो जाती है।इस अवैध गतिविधि में विभागीय बीट कर्मियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग लकड़ी काटने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है,जिससे उनमें रोष है।भारतीय किसान यूनियन (महात्मा टिकैत) के जिला महासचिव हरिशंकर यादव ने शुक्रवार को विभागीय अधिकारियों को भेजकर बताया कि वह डांडिया वन और रवाना बीट में अवैध कटान रोकने के लिए पहले भी अधिकारियों को पत्र सौंप चुके हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय सांठगांठ के कारण यह अवैध कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है।यादव ने चेतावनी दी कि यदि अवैध कटान नहीं रुका और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई,तो वे बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

