रामपुर । राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत जनपद में टीबी रोग से पीड़ित रोगियों को बेहतर ईलाज प्रदान के उद््देश्य से लगातार विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए जा रहे है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा0 प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार मॉदड़ के नेतृृत्व एवं मार्गदर्शन में माह अक्टूबर तक प्रदेश में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनपद अग्रणी रहा है। वर्ष 2021 में 7000 टीबी रोगियों को चिन्हित करने के लिए शासन स्तर से लक्ष्य प्राप्त हुआ था जिनमें से लक्ष्य के सापेक्ष 6258 रोगी चिन्हित किए जा चुके है और लगातार टीमें सक्रिय बनी हुई हैं। इन सभी चिन्हित रोगियों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सभी अनिवार्य जांचें कराते हुए उपचार प्रदान किया जा रहा है। उपचार के साथ-साथ इन रोगियों को उनके बेहतर खान-पान के लिए धनराशि भी उपलब्ध करायी जा रही है ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के टीबी रोगी भी अपने बेहतर खान-पान का विशेष ध्यान रख सकें और जरूरी दवाओं के सेवन के साथ यथाशीघ्र स्वस्थ बन सकें।
वर्ष 2021 में जनपद के टीबी रोगियों को अब तक निःक्षय पोषण योजना के तहत 1.40 करोड रूपये का लाभ प्रदान किया गया। जनपद में टीबी रोगियों के बेहतर उपचार के लिए 13 ट्रीटमेंट सुपरवाइजर, 05 लैब सुपरवाइजर और 09 टीबी हाउस विजीटरों के माध्यम से लगातार सक्रिय रहकर सरकार के निर्देशानुसार टीबी उन्मूलन की दिशा में कार्य किया जा रहा है। जिले में 30 बलगम जांच लैब, 02 सीबीनॉट मशीन और 16 ट्रूनॉट मशीनें उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि टीबी रोगियों की समय से पहचान करके ईलाज प्रारम्भ करने से उनके यथाशीघ्र स्वस्थ होने की सम्भावनाएं अधिक होती है। इसलिए रोगियों को चाहिए कि वे टीबी जैसे लक्षण सामने आने पर प्राथमिक चरण में ही अपना उपचार प्रारम्भ कराएं।






































