सरकारी सहयोग से आत्मनिर्भरता की मिसाल: प्रीति सैनी ने घर से शुरू कर बनाई सफलता की नई पहचान
हल्द्वानी।जनपद के विकासखंड की प्रीति सैनी शनिवार को महिला आत्मनिर्भरता की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर उभरी हैं।वे वैष्णवी आजीविका स्वयं सहायता समूह में सचिव एवं सक्रिय सदस्य के रूप में जुड़ी हुई हैं और अपने घर से ही हैंडीक्राफ्ट व मसाला निर्माण का सफल कार्य संचालित कर रही हैं।प्रीति सैनी को REAP/ग्रामोत्थान परियोजना के अंतर्गत ₹75,000 की सब्सिडी सहित कुल ₹3 लाख का ऋण प्राप्त हुआ।इस सहायता से उन्होंने अपने घर पर ही मसाला पीसने वाली चक्की स्थापित की और मसालों का उत्पादन शुरू किया।धीरे-धीरे उनके शुद्ध और घरेलू मसालों की मांग बढ़ने लगी।आज उनके द्वारा तैयार मसालों की बिक्री स्थानीय बाजारों,मेलों तथा शादी-विवाह के सीजन में बैंकेट हॉलों में बड़े स्तर पर होती है।इसके अलावा वे हर त्योहारी मौसम में सीजनल उत्पाद भी तैयार करती हैं—होली पर चिप्स,कचरी एवं हर्बल रंग दिवाली पर ऊन की फूल मालाएं व तोरण साथ ही विभिन्न हैंडीक्राफ्ट उत्पाद ऋण की बची हुई धनराशि से प्रीति सैनी ने एक छोटी दुकान भी शुरू की, जहां वे कॉस्मेटिक्स और दैनिक उपयोग का सामान बेचती हैं।इन सभी कार्यों से वे अपने परिवार का भरण-पोषण करते हुए सभी खर्चों के बाद प्रतिवर्ष लगभग ₹80 हजार से ₹1 लाख तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं।प्रीति सैनी बताती हैं कि सरकारी योजनाओं से उन्हें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली।वे विशेष रूप से राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा REAP परियोजना का आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं- सरकार की योजनाओं ने हमें घर बैठे रोजगार का अवसर दिया, जिससे हम महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और समाज में सम्मान के साथ जीवन जी पा रही हैं।प्रीति सैनी की यह सफलता बताती है कि यदि सही दिशा, सरकारी सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति मिल जाए,तो एक सामान्य गृहिणी भी सफल उद्यमी बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन सकती है।






































